hindi short stories for kid

Below are 3 Interesting hindi short stories for kid  in hindi                 


                        1. जंगल में दोस्ती

एक जंगल था। वहां शेर का एक बच्चा रहता था। नाम था उसका - शीरू। वह उदास रहता था। जंगल के बच्चे शीरू से डरते थे।एक दिन शीरू अपनी गुफा के बाहर बैठा था। उसने किसी के करहाने की आवाज सुनी। आवाज झाड़ी के पीछे से आ रही थी। शीरू झाड़ी के पीछे गया। उसने देखा चंदा के पैर में कांटा चुभ गया है। चंदा हिरनी की बच्ची थी। शीरू ने उसके पैर से काटा निकाल दिया।चंदा हैरान होकर शीरू को देखने लगी। शीरू ने उससे पूछा - मुझसे दोस्ती करोगी। मैं सिरू हूं।
चंदा चहक उठी और बोली - हां शीरू! आज से हमारी - तुम्हारी दोस्ती पक्की।चंदा और शीरू की दोस्ती की बात जंगल म फेल गई। धीरे - धीरे जंगल के सारे बच्चे शीरू के दोस्त बन गए। अब शीरू हमेशा प्रसन्न रहने लगा था।

  
                      2.  हिसाब बराबर

मुल्लो नसीरुद्दीन बगदाद के बाज़ार में गुजर रहे थे। वहां शोर मचा हुआ था। जिधर शोर की आवाज आ रही थी, नसीरुद्दीन वहां पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि होटल का मालिक एक भिखारी कि गरदन दबोचे हुए था।
मुल्ला नसरुद्दीन दयालु स्वभाव के व्यक्ति थे। उन्होंने होटल के मालिक से पूछा, "आखिर इसमें ऐसा क्या किया है कि आप इसे पिटना चाह रहे हैं?"

"इस आदमी ने मेरी भट्टी से आग सेकी है। जब मैंने आग सेकने की कीमत मांगी तो इसमें देने से मना कर दिया।"होटल के मालिक ने उन्हें बताया।

मुल्लाजी ने भिखारी से पूछा, "हां भाई, क्या यह महाशय सच बोल रहे हैं?"
भिखारी ने कहा,"जी हां!"
मुल्ला जी ने भिखारी को डांटते हुए कहा, "क्या तुम मूर्ख हो? जानते नहीं, बिना कीमत चुकाए दूसरों की वस्तुओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए?"

मुल्लाजी की डांट सुनकर होटल के मालिक का चेहरा खिल गया। उसने वहां खड़े लोगों से कहा, "देखा, मैं गलत नहीं हूं। मुल्ला जी भी  मेरी बात मान रहे हैं कि बिना कीमत चुकाए इसे मेरी भट्टी पर आग नहीं सेखनी चाहिए थी। मुल्ला ने भिकरी से पूछा, "क्या तुम्हारे पास पैसे हैं?"

भिखारी ने मुल्ला जी को अपनी पोटली दिखाई। उसने कुछ सिक्के पड़े थे। मुल्लाजी ने उन सिक्कों को अपनी मुट्ठी में भरकर होटल के मालिक के कान के पास ले जाकर खनखनाना शुरू कर दिया। थोड़ी देर बाद उन्होंने भिखारी को सारे पैसे वापस दे दिए और वहां से चले जाने को कहा। होटल के मालिक ने कहा, "मुझे भट्टी पर आग सेखने का पैसा चाहिए। आप तो उसे यहां से जाने दे रहे हैं।"

मुल्ला जी ने कहा, "अरे भाई! उसने तो पैसे चुका दिए।"
होटल के मालिक ने पूछा, "वो कैसे?"
मुल्लाजी ने कहा, "भिखारी ने आपको भट्टी पर आपसे सेकी थी और बदले में आपने भी उसके पैसे की खनखनाहट सुन ली। हो गया हिसाब बराबर!"
वहां एकत्रित भीड़ म मुल्ला नसरुद्दीन का फैसला सुनकर 'वाह! 'वाह!' कर उठी। उधर होटल-मालिक की सूरत देखने लायक थी।


                         3. चुहिया की चुहिया

बहुत समय पहले की बात है। एक महात्मा जी जंगल में नदी के किनारे कुटिया बनाकर रहते थे। एक दिन नदी में नहाने के बाद सूरज देवता को  जल चढ़ा रहे थे। तभी उनके हाथों में ऊपर उड़ रही एक चील के पंजों से छूटकर एक चुहिया आ गिरी। चुहिया को देखकर महात्मा जी बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने मंत्र पढ़कर चुहिया को छोटी-सी लड़की ने बदल दिया। इस छोटी-सी लड़की को वे अपनी कुटिया में ले आए और उसे अपनी बेटी की तरह पालने लगे।

धीरे-धीरे लड़की बड़ी होती गई। कुछ सालों में वह शादी के योग्य हो गई। महात्मा जी चाहते थे कि उसकी शादी किसी ताकतवर के साथ हो। उन्होंने सबसे पहले सूरज देवता का ध्यान किया। सूरज देवता प्रकट हो गए। महात्मा जी ने सूरज देवता से कहा, "आप सबसे ताकतवर है इसीलिए मेरी कन्या से विवाह कर लीजिए।"

सूरज देवता ने कहा, "नहीं महाराज! मैं सबसे ताकतवर नहीं हूं। मुझसे ज्यादा ताकतवर बादल है जो मेरी रोशनी को भी रोक लेता  है। आप इसका विवाह बादल से कर दें।"

महात्मा जी ने बादल देवता का ध्यान किया। बादल देवता के प्रकट होने पर महात्मा जी ने उनसे अपनी इच्छा दुहराई। बादल देवता ने कहा, "मुझसे ज्यादा ताकतवर पवन है जो मुझे उड़ा कर कहीं भी ले जा सकता है। आप इस कन्या का विवाह पवन से कर दीजिए।"

महात्मा जी ने पवन देवता का ध्यान किया। जब पवन देवता प्रकट हुए तब महात्मा जी ने उनको अपनी बात बताई। पवन देवता ने कहा, "मुझसे ताकतवर पहाड़ है जो मुझे भी रोक लेता है। आप इसकी शादी पहाड़ से कर दें।"

महात्मा जी ने ध्यान करके पर्वत देवता को बुलाया। पर्वत देवता प्रकट हुए। महात्मा जी ने उनसे अपनी कन्या का विवाह का प्रस्ताव रखा। पर्वत देवता ने कहा, "मुझसे ताकतवर तो चूहा है जो मेरी जड़ों को खोदकर मुझे गिरा सकता है।"

चूहे का नाम सुनते ही लड़की खुश हो गई और बोल पड़ी, "हां-हां, मैं चूहे से विवाह करूंगी।"
महात्मा जी ने लड़की को चुहिये में  बदल दिया और मुषकराज का ध्यान किया। मूषकराज के आते ही उन्होंने इन दोनों की शादी करवा दी।
अब दोनों खुशी से अपनी जिंदगी बिताने लगे।


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